आज है गणतंत्र दिवस
है सबका नारा
झंडा ऊंचा रहे हमारा
विजयी विश्व तिरंगा प्यारा
जो कहते शहीद हो गए
हमारा देश महान
वो न करते परवाह खुद की
उनके दिल में रहती हरदम
अपनी देश की शान।
जंग में लड़ते ऐसे डटकर
मिटा दे दुश्मन का नामोनिशान
रहते बर्फीले तूफानो में
चाहे हो कम तापमान
ऐ दुश्मन जो देखा मेरे देश को
कभी भी आंख उठाकर
मेरा देश है मेरा रहेगा
इसमें बस्ते मेरे प्राण
ऐ वीरों तुमसे ही तो है
देश की ऊंची कमान।
जंग पर जभी जाए सिपाही
तो मां है तीलक लगाती
हंसती हे ऊपर से लेकीन
हे मन में आंसुओ के तूफान
सिपाही का शहीद हो कर कहना
क्यों दी एक ही जान
सौ देता तो वो भी कर देता
अपने देश पर कुर्बान।
जिस धरती पर शहीद हुए हो
भगतसिंह जैसे वीर जवान
जो अपने लहु से कर गए पावन
उस धरती को हमारा शत शत प्रणाम
जय हिन्द जय भारत
भारत माता कि जय
वन्दे मातरम्।
सुंदर रचना, बहुत अच्छी लिखी
LikeLike